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ramayan 3.31.26: वह परम तेजस्वी पुरुष अपने पराक्रम से सम्पूर्ण लोकों का नाश करके नये सिरे से मनुष्यों की सृष्टि करने में समर्थ है ॥26॥   |   ramayan सर्ग 3.31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.31.26 
संहृत्य वा पुनर्लोकान् विक्रमेण महायशा:।
शक्त: श्रेष्ठ: स पुरुष: स्रष्टुं पुनरपि प्रजा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वह परम तेजस्वी पुरुष अपने पराक्रम से सम्पूर्ण लोकों का नाश करके नये सिरे से मनुष्यों की सृष्टि करने में समर्थ है ॥26॥
 
‘That most illustrious man, by his might, is capable of destroying all the worlds and creating people afresh. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)