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ramayan 3.31.22: उनके ऐसा कहने पर अकम्पन ने कहा, 'हे राजन! कृपया मुझसे श्री रामजी के बल और पुरुषार्थ का यथार्थ वर्णन सुनिए॥ 22॥   |   ramayan सर्ग 3.31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.31.22 
अथैवमुक्ते वचने प्रोवाचेदमकम्पन:।
शृणु राजन् यथावृत्तं रामस्य बलपौरुषम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर अकम्पन ने कहा, 'हे राजन! कृपया मुझसे श्री रामजी के बल और पुरुषार्थ का यथार्थ वर्णन सुनिए॥ 22॥
 
On his saying this, Akampana said, 'O King! Please listen to me about the true description of Shri Ram's strength and manliness.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)