श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.31.21 
अकम्पनवच: श्रुत्वा रावणो वाक्यमब्रवीत्।
गमिष्यामि जनस्थानं रामं हन्तुं सलक्ष्मणम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अकम्पन के ये वचन सुनकर रावण बोला, 'मैं अभी लक्ष्मण के साथ राम को मारने के लिए जनस्थान जाऊँगा।'
 
On hearing these words of Akampana, Ravana said, 'I will now go to Janasthan along with Lakshmana to kill Rama.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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