Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.31.18-19h: ‘उसके साथ कोई देवता या ऋषि नहीं है। इस विषय में मत सोचो। श्री रामजी के चलाए हुए सुवर्णमय पंखयुक्त बाण ही पंचमुख सर्प बनकर राक्षसों को खा जाते थे।॥18 1/2॥ | ramayan सर्ग 3.31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘उसके साथ कोई देवता या ऋषि नहीं है। इस विषय में मत सोचो। श्री रामजी के चलाए हुए सुवर्णमय पंखयुक्त बाण ही पंचमुख सर्प बनकर राक्षसों को खा जाते थे।॥18 1/2॥
‘There is no god or sage with him. Do not think about this matter. The golden-feathered arrows shot by Shri Ram used to turn into five-headed serpents and eat the demons.॥ 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥