श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का अकम्पन की सलाह से सीता का अपहरण करने के लिये जाना और मारीच के कहने से लङ्का को लौट आना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.31.16 
तस्यानुरूपो बलवान् रक्ताक्षो दुन्दुभिस्वन:।
कनीयाँल्लक्ष्मणो भ्राता राकाशशिनिभानन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी के साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण हैं, जो उन्हीं के समान बलवान हैं। उनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर है। उनकी आँखें हल्की लाल हैं और उनका स्वर डमरू के समान गम्भीर है॥16॥
 
‘Shri Ram is accompanied by his younger brother Lakshmana, who is as strong as him. His face is beautiful like the full moon. His eyes are slightly red and his voice is as deep as a drum.॥ 16॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas