vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 3: अरण्य काण्ड
»
सर्ग 30: श्रीराम के व्यङ्ग करने पर खर का उनके ऊपर साल वृक्ष का प्रहार करना, श्रीराम का तेजस्वी बाण से खर को मार गिराना
»
श्लोक 38-39h
श्लोक
3.30.38-39h
ततो रामस्तु विजयी पूज्यमानो महर्षिभि:॥ ३८॥
प्रविवेशाश्रमं वीरो लक्ष्मणेनाभिपूजित:।
अनुवाद
तत्पश्चात् महर्षियों द्वारा प्रशंसित और लक्ष्मण द्वारा पूजित विजयी वीर श्री रामजी ने आश्रम में प्रवेश किया। 38 1/2॥
After that, the victorious brave Shri Ram, praised by the great sages and worshiped by Lakshman, entered the ashram. 38 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×