Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.29.7: 'जैसे जड़ खोखली हो जाने पर वृक्ष अधिक समय तक टिक नहीं पाते, वैसे ही पापकर्म करने वाले और लोगों द्वारा निन्दित क्रूर पुरुष, (किसी पूर्व पुण्य कर्म के प्रभाव से) धन पाकर भी उसे अधिक समय तक धारण नहीं कर पाते (वे उससे अवश्य ही भ्रष्ट हो जाते हैं)॥ 7॥ | ramayan सर्ग 3.29: श्रीराम का खर को फटकारना तथा खर का भी उन्हें कठोर उत्तर देकर उनके ऊपर गदा का प्रहार करना और श्रीराम द्वारा उस गदा का खण्डन । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जैसे जड़ खोखली हो जाने पर वृक्ष अधिक समय तक टिक नहीं पाते, वैसे ही पापकर्म करने वाले और लोगों द्वारा निन्दित क्रूर पुरुष, (किसी पूर्व पुण्य कर्म के प्रभाव से) धन पाकर भी उसे अधिक समय तक धारण नहीं कर पाते (वे उससे अवश्य ही भ्रष्ट हो जाते हैं)॥ 7॥
'Just as trees whose roots have become hollow cannot stand for long, similarly, cruel men who commit sinful deeds and are condemned by the people, even after getting wealth (due to the effect of some past good deeds) are not able to maintain it for long (they are surely corrupted by it).॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥