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ramayan 3.29.17: 'जो महापुरुष पराक्रमी और बलवान हैं, वे अपने तेज के कारण अभिमान से भरकर कुछ नहीं कहते (अपने विषय में चुप रहते हैं)॥17॥   |   ramayan सर्ग 3.29: श्रीराम का खर को फटकारना तथा खर का भी उन्हें कठोर उत्तर देकर उनके ऊपर गदा का प्रहार करना और श्रीराम द्वारा उस गदा का खण्डन   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 29: श्रीराम का खर को फटकारना तथा खर का भी उन्हें कठोर उत्तर देकर उनके ऊपर गदा का प्रहार करना और श्रीराम द्वारा उस गदा का खण्डन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.29.17 
विक्रान्ता बलवन्तो वा ये भवन्ति नरर्षभा:।
कथयन्ति न ते किंचित् तेजसा चातिगर्विता:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
'जो महापुरुष पराक्रमी और बलवान हैं, वे अपने तेज के कारण अभिमान से भरकर कुछ नहीं कहते (अपने विषय में चुप रहते हैं)॥17॥
 
'Those great men who are valiant and powerful, being filled with pride due to their glory, they do not say anything (they remain silent about themselves).॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)