Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.28.2-3: श्री राम ने अकेले ही उस अत्यन्त बलशाली एवं असह्य राक्षस सेना का संहार किया। उन्होंने दूषण और त्रिशिरा का भी वध किया तथा मेरी सेना के (चौदह हजार) प्रमुख योद्धाओं में से अधिकांश को मृत्यु के मुख में पहुँचा दिया। यह सब देखकर और सोचकर खर नामक राक्षस दुःखी हो गया। उसने श्री राम पर उसी प्रकार आक्रमण किया, जैसे नमुचि ने इंद्र पर आक्रमण किया था॥2-3॥ | ramayan सर्ग 3.28: खर के साथ श्रीराम का घोर युद्ध । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री राम ने अकेले ही उस अत्यन्त बलशाली एवं असह्य राक्षस सेना का संहार किया। उन्होंने दूषण और त्रिशिरा का भी वध किया तथा मेरी सेना के (चौदह हजार) प्रमुख योद्धाओं में से अधिकांश को मृत्यु के मुख में पहुँचा दिया। यह सब देखकर और सोचकर खर नामक राक्षस दुःखी हो गया। उसने श्री राम पर उसी प्रकार आक्रमण किया, जैसे नमुचि ने इंद्र पर आक्रमण किया था॥2-3॥
Shri Ram alone killed the very powerful and unbearable demon army. He also killed Dushan and Trishira and sent most of the (fourteen thousand) prominent warriors of my army to their deaths. Seeing and thinking all this, the demon Khar became sad. He attacked Shri Ram in the same way as Namuchi had attacked Indra.॥2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥