श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 27: त्रिशिरा का वध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.27.2 
मां नियोजय विक्रान्तं त्वं निवर्तस्व साहसात्।
पश्य रामं महाबाहुं संयुगे विनिपातितम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यराज! मुझ वीर योद्धा को इस युद्ध में लगाओ और इस साहसपूर्ण कार्य से दूर रहो। देखो, मैं अभी युद्ध में महाबाहु राम का वध करूँगा।
 
'O King of demons! Use me, a valiant warrior, in this war and stay away from this courageous task. See, I will kill the mighty-armed Ram in the war right now.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)