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ramayan 3.26.5-6h: क्रोध में भरे हुए और तेज से चमकते हुए श्री रामजी दूषणसहित समस्त राक्षस सेना पर सब ओर से बाणों की वर्षा करने लगे॥5 1/2॥   |   ramayan सर्ग 3.26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  3.26.5-6h 
तत: क्रोधसमाविष्ट: प्रदीप्त इव तेजसा॥ ५॥
शरैरभ्यकिरत् सैन्यं सर्वत: सहदूषणम्।
 
 
अनुवाद
क्रोध में भरे हुए और तेज से चमकते हुए श्री रामजी दूषणसहित समस्त राक्षस सेना पर सब ओर से बाणों की वर्षा करने लगे॥5 1/2॥
 
Shri Ram, filled with anger and glowing with brilliance, started raining arrows from all sides on the entire demon army along with Dushan. 5 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)