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ramayan 3.26.4-5h: उस सारी वर्षा को रोककर श्री रामजी आँखें बंद करके बैल के समान स्थिर खड़े हो गए और समस्त राक्षसों का वध करने के लिए महान क्रोध का प्रदर्शन किया।   |   ramayan सर्ग 3.26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  3.26.4-5h 
प्रतिगृह्य च तद् वर्षं निमीलित इवर्षभ:॥ ४॥
राम: क्रोधं परं लेभे वधार्थं सर्वरक्षसाम्।
 
 
अनुवाद
उस सारी वर्षा को रोककर श्री रामजी आँखें बंद करके बैल के समान स्थिर खड़े हो गए और समस्त राक्षसों का वध करने के लिए महान क्रोध का प्रदर्शन किया।
 
Having stopped all that rain, Shri Ram stood still like a bull with his eyes closed and assumed great anger to kill all the demons. 4 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)