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ramayan 3.26.32: उन बाणों के कारण राक्षसों के कवच, आभूषण और धनुष टूट गए और वे रक्त से लथपथ होकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥32॥   |   ramayan सर्ग 3.26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम के द्वारा दूषण सहित चौदह सहस्र राक्षसों का वध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  3.26.32 
तैर्भिन्नवर्माभरणाश्छिन्नभिन्नशरासना:।
निपेतु: शोणितादिग्धा धरण्यां रजनीचरा:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उन बाणों के कारण राक्षसों के कवच, आभूषण और धनुष टूट गए और वे रक्त से लथपथ होकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥32॥
 
Due to those arrows, the armour, ornaments and bows of the demons got shattered and they fell on the earth soaked in blood. ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)