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श्लोक  3.25.6 
तत: शरसहस्रेण राममप्रतिमौजसम्।
अर्दयित्वा महानादं ननाद समरे खर:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय खरने ने युद्धस्थल में बड़े जोर से गर्जना की, मानो अतुलित बलवान श्री राम को हजारों बाणों से पीड़ा पहुँचा रहे हों।
 
At that time, Kharane roared very loudly in the battle field, as if tormenting the incomparably powerful Sri Ram with thousands of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)