Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.25.47: उन सबको मारा हुआ देखकर शेष राक्षस अत्यंत आतुर हो गए और शत्रु नगरी को जीतने वाले श्री रामजी के सामने जाने में असमर्थ हो गए॥47॥ | ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन सबको मारा हुआ देखकर शेष राक्षस अत्यंत आतुर हो गए और शत्रु नगरी को जीतने वाले श्री रामजी के सामने जाने में असमर्थ हो गए॥47॥
Seeing all of them killed, the remaining demons became extremely eager and were unable to go in front of Shri Ram who had conquered the enemy city. 47॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्येऽरण्यकाण्डे पञ्चविंश: सर्ग:॥ २५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके अरण्यकाण्डमें पचीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥