Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.25.4: जब खरको ने उसे राम के पास आते देखा, तब श्येनगामी आदि उसके रात्रिचर मंत्रियों ने बड़े जोर से गर्जना करके उसे चारों ओर से घेर लिया॥4॥   |   ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.25.4 
तं तु निष्पतितं दृष्ट्वा सर्वतो रजनीचरा:।
मुञ्चमाना महानादं सचिवा: पर्यवारयन्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
जब खरको ने उसे राम के पास आते देखा, तब श्येनगामी आदि उसके रात्रिचर मंत्रियों ने बड़े जोर से गर्जना करके उसे चारों ओर से घेर लिया॥4॥
 
When Kharko saw him approach Rama, his nocturnal ministers like Shyengami etc. roared loudly and surrounded him from all sides. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)