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ramayan 3.25.33: उस युद्धस्थल में, हाथों में त्रिशूल, गदा और पाश धारण करके, वह महाबली रात्रिवासी बाणों और अन्य अस्त्रों की वर्षा करने लगा।   |   ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.25.33 
शूलमुद‍्गरहस्ताश्च पाशहस्ता महाबला:।
सृजन्त: शरवर्षाणि शस्त्रवर्षाणि संयुगे॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उस युद्धस्थल में, हाथों में त्रिशूल, गदा और पाश धारण करके, वह महाबली रात्रिवासी बाणों और अन्य अस्त्रों की वर्षा करने लगा।
 
On that battlefield, holding trident, club and noose in his hands, that mighty night-dweller began showering arrows and other weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)