Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.25.14-15h: श्री रघुनाथजी के सभी अंग अस्त्र-शस्त्रों से घायल हो गए थे। उनके शरीर से अत्यधिक रक्त बह रहा था, जिससे वे उस समय संध्या के समय बादलों से घिरे हुए सूर्यदेव के समान प्रतीत हो रहे थे। | ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स विद्ध: क्षतजादिग्ध: सर्वगात्रेषु राघव:॥ १४॥
बभूव राम: संध्याभ्रैर्दिवाकर इवावृत:।
अनुवाद
श्री रघुनाथजी के सभी अंग अस्त्र-शस्त्रों से घायल हो गए थे। उनके शरीर से अत्यधिक रक्त बह रहा था, जिससे वे उस समय संध्या के समय बादलों से घिरे हुए सूर्यदेव के समान प्रतीत हो रहे थे।
All the limbs of Shri Raghunathji were wounded by the weapons. He was bleeding profusely and thus at that time he looked like the Sun God surrounded by the clouds in the evening.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥