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ramayan 3.25.10-11h: जैसे विशाल बादल गिरिराज पर जल की धाराएँ बरसा रहे थे, उसी प्रकार वे राक्षस श्री राम पर बाणों की वर्षा कर रहे थे।   |   ramayan सर्ग 3.25: राक्षसों का श्रीराम पर आक्रमण और श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा राक्षसों का संहार   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.25.10-11h 
ते रामे शरवर्षाणि व्यसृजन् रक्षसां गणा:॥ १०॥
शैलेन्द्रमिव धाराभिर्वर्षमाणा महाघना:।
 
 
अनुवाद
जैसे विशाल बादल गिरिराज पर जल की धाराएँ बरसा रहे थे, उसी प्रकार वे राक्षस श्री राम पर बाणों की वर्षा कर रहे थे।
 
Just as huge clouds were pouring streams of water on Giriraj, in the same way those demons were showering arrows on Shri Ram. 10 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)