Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.24.5: हे योद्धा कुशल लक्ष्मण! मेरे सभी बाण कोलाहल से उत्पन्न हुए कोलाहल से युक्त होकर युद्ध के लिए हर्षित हो रहे हैं और मेरे वे धनुष जो सोने से मढ़े हुए हैं, भी स्वयं ही प्रत्यंचा से जुड़ने का प्रयत्न करते प्रतीत हो रहे हैं। | ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे योद्धा कुशल लक्ष्मण! मेरे सभी बाण कोलाहल से उत्पन्न हुए कोलाहल से युक्त होकर युद्ध के लिए हर्षित हो रहे हैं और मेरे वे धनुष जो सोने से मढ़े हुए हैं, भी स्वयं ही प्रत्यंचा से जुड़ने का प्रयत्न करते प्रतीत हो रहे हैं।
'O warrior-skilled Lakshmana! All my arrows, connected with the noise created by the uproar, seem to be rejoicing for the battle and those bows of mine which are plated with gold, also seem to be trying to get attached to the string by themselves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥