Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.24.26: बिना किसी प्रयास के महान् कर्म करने वाले और क्रोध से भरे हुए महात्मा श्री राम का वह रूप क्रोध में भरे हुए रुद्रदेव के समान अतुलनीय प्रतीत हो रहा था॥26॥   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.24.26 
रूपमप्रतिमं तस्य रामस्याक्लिष्टकर्मण:।
बभूव रूपं क्रुद्धस्य रुद्रस्येव महात्मन:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
बिना किसी प्रयास के महान् कर्म करने वाले और क्रोध से भरे हुए महात्मा श्री राम का वह रूप क्रोध में भरे हुए रुद्रदेव के समान अतुलनीय प्रतीत हो रहा था॥26॥
 
That form of Mahatma Shri Ram, who performed great deeds without any effort and was filled with anger, appeared to be incomparable like Rudradev who was angry. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)