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ramayan 3.24.25: वैष्णव तेज से युक्त श्री रामजी को युद्ध के किनारे पर खड़े देखकर (उनके प्रभाव को न जानने के कारण) समस्त प्राणी भय से व्याकुल हो गए॥25॥   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.24.25 
आविष्टं तेजसा रामं संग्रामशिरसि स्थितम्।
दृष्ट्वा सर्वाणि भूतानि भयाद् विव्यथिरे तदा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वैष्णव तेज से युक्त श्री रामजी को युद्ध के किनारे पर खड़े देखकर (उनके प्रभाव को न जानने के कारण) समस्त प्राणी भय से व्याकुल हो गए॥25॥
 
Seeing Shri Ram standing at the edge of the battle, possessed by Vaishnava glory, all the living beings (due to not knowing his effect) became distressed with fear. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)