Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.24.20-22h: उनके अतिरिक्त तीनों लोकों में विख्यात समस्त महर्षि, ब्रह्मर्षिगण, श्रेष्ठ मुनिगण और धर्मात्मा ऋषिगण, सब वहाँ एकत्र हुए और एक साथ खड़े होकर एक स्वर में कहने लगे, 'गौ, ब्राह्मण और समस्त लोकों का कल्याण हो। जैसे चक्रधारी भगवान विष्णु युद्ध में समस्त महान दैत्यों को परास्त कर देते हैं, वैसे ही इस युद्ध में श्री रामचन्द्रजी पुलस्त्यवंशी दैत्यों पर विजय प्राप्त करें।' | ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके अतिरिक्त तीनों लोकों में विख्यात समस्त महर्षि, ब्रह्मर्षिगण, श्रेष्ठ मुनिगण और धर्मात्मा ऋषिगण, सब वहाँ एकत्र हुए और एक साथ खड़े होकर एक स्वर में कहने लगे, 'गौ, ब्राह्मण और समस्त लोकों का कल्याण हो। जैसे चक्रधारी भगवान विष्णु युद्ध में समस्त महान दैत्यों को परास्त कर देते हैं, वैसे ही इस युद्ध में श्री रामचन्द्रजी पुलस्त्यवंशी दैत्यों पर विजय प्राप्त करें।'
Besides them, all the great sages who are renowned in the three worlds, the great Brahmarshis, the eminent saints and the pious sages, all gathered there and standing together started saying in unison, 'May the cows, Brahmins and all the worlds prosper. Just as the Chakradhari Bhagwan Vishnu defeats all the great demons in battle, similarly, may Shri Ramchandraji be victorious over the demons of the Pulastyavanshi clan in this war.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥