Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.24.17: प्रज्वलित अग्नि के समान चमकने वाले उस कवच से विभूषित होकर श्री रामजी अंधकार में महान अग्निदेव के समान प्रकट हुए॥17॥   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.24.17 
स तेनाग्निनिकाशेन कवचेन विभूषित:।
बभूव रामस्तिमिरे महानग्निरिवोत्थित:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
प्रज्वलित अग्नि के समान चमकने वाले उस कवच से विभूषित होकर श्री रामजी अंधकार में महान अग्निदेव के समान प्रकट हुए॥17॥
 
Adorned with that armour that shone like a blazing fire, Sri Rama appeared in the darkness looking like the great Agnidev (god of fire).॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)