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ramayan 3.24.16: जब लक्ष्मण सीता के साथ गुफा के अंदर गए, तो भगवान राम ने कहा, 'यह प्रसन्नता की बात है कि लक्ष्मण ने मेरी बात सहजता से मान ली और सीता की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है' और कवच पहन लिया।   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.24.16 
तस्मिन् प्रविष्टे तु गुहां लक्ष्मणे सह सीतया।
हन्त निर्युक्तमित्युक्त्वा राम: कवचमाविशत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जब लक्ष्मण सीता के साथ गुफा के अंदर गए, तो भगवान राम ने कहा, 'यह प्रसन्नता की बात है कि लक्ष्मण ने मेरी बात सहजता से मान ली और सीता की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है' और कवच पहन लिया।
 
When Lakshmana went inside the cave along with Sita, Lord Rama said, 'It is a matter of joy that Lakshmana readily accepted my advice and adequate arrangements have been made for Sita's protection' and wore the armour.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)