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ramayan 3.24.10: ‘राक्षसों की भयंकर गर्जना सुनाई देती है, और क्रूर राक्षसों द्वारा फूँकी गई तुरहियों की भयंकर ध्वनि कानों तक पहुँचती है।॥10॥   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.24.10 
रक्षसां नर्दतां घोर: श्रूयतेऽयं महाध्वनि:।
आहतानां च भेरीणां राक्षसै: क्रूरकर्मभि:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘राक्षसों की भयंकर गर्जना सुनाई देती है, और क्रूर राक्षसों द्वारा फूँकी गई तुरहियों की भयंकर ध्वनि कानों तक पहुँचती है।॥10॥
 
‘The terrifying roar of the demons can be heard, and the terrifying sound of the trumpets blown by the cruel demons reaches the ears.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)