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ramayan 3.24.1: जब परम पराक्रमी खर भगवान राम के आश्रम की ओर गए, तब भगवान राम ने भी अपने भाई सहित उसी प्रकार के उत्पात के लक्षण देखे॥1॥   |   ramayan सर्ग 3.24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का तात्कालिक शकुनों द्वारा राक्षसों के विनाश और अपनी विजय की सम्भावना करके सीता सहित लक्ष्मण को पर्वत की गुफा में भेजना और युद्ध के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.24.1 
आश्रमं प्रतियाते तु खरे खरपराक्रमे।
तानेवौत्पातिकान् राम: सह भ्रात्रा ददर्श ह॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब परम पराक्रमी खर भगवान राम के आश्रम की ओर गए, तब भगवान राम ने भी अपने भाई सहित उसी प्रकार के उत्पात के लक्षण देखे॥1॥
 
When the extremely valiant Khara went towards Lord Rama's hermitage, Lord Rama along with his brother also saw the same signs of mischief. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)