Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.23.7: भयानक बादल, जो मदमस्त होकर बहते हुए हाथियों के समान प्रतीत हो रहे थे और जिनमें जल की जगह रक्त भरा हुआ था, अचानक उमड़ पड़े। उन्होंने सम्पूर्ण आकाश को ढक लिया। उन्होंने थोड़ी-सी भी जगह नहीं छोड़ी। 7. | ramayan सर्ग 3.23: भयंकर उत्पातों को देखकर भी खर का उनकी परवा नहीं करना तथा राक्षस सेना का श्रीराम के आश्रम के समीप पहुँचना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भयानक बादल, जो मदमस्त होकर बहते हुए हाथियों के समान प्रतीत हो रहे थे और जिनमें जल की जगह रक्त भरा हुआ था, अचानक उमड़ पड़े। उन्होंने सम्पूर्ण आकाश को ढक लिया। उन्होंने थोड़ी-सी भी जगह नहीं छोड़ी। 7.
Terrible clouds, which looked like elephants flowing in a drunken state and were filled with blood instead of water, suddenly gathered. They covered the entire sky. They did not leave even a little space. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥