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श्लोक 3.23.14  |
तस्मिन् क्षणे बभूवुश्च विना पुष्पफलैर्द्रुमा:।
उद्धूतश्च विना वातं रेणुर्जलधरारुण:॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| उसी समय वृक्षों के फूल और फल झड़ गए। वायु के बिना ही धूसर धूल बादलों के समान उठकर आकाश को ढकने लगी॥14॥ |
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| At that moment the flowers and fruits of the trees fell. Without any wind, grey dust rose up like clouds and covered the sky.॥ 14॥ |
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