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ramayan 3.22.7: खर ने, जिसने पहले उसे कठोर शब्दों से डाँटा था और फिर उसकी बहुत प्रशंसा की थी, उस समय अपने सेनापति दूषण से कहा-॥7॥   |   ramayan सर्ग 3.22: चौदह हजार राक्षसों की सेना के साथ खर-दूषण का जनस्थान से पञ्चवटी की ओर प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.22.7 
तया परुषित: पूर्वं पुनरेव प्रशंसित:।
अब्रवीद् दूषणं नाम खर: सेनापतिं तदा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
खर ने, जिसने पहले उसे कठोर शब्दों से डाँटा था और फिर उसकी बहुत प्रशंसा की थी, उस समय अपने सेनापति दूषण से कहा-॥7॥
 
Khara, who had earlier rebuked him with harsh words and then praised him highly, at that time said to his commander Dushan -॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)