Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.20.20-21h: वे बाण बड़े वेग से राक्षसों की छाती में छेद करके रक्त से लथपथ होकर बाहर निकले और बिल से निकले हुए साँपों की भाँति तुरन्त ही भूमि पर गिर पड़े।   |   ramayan सर्ग 3.20: श्रीराम द्वारा खर के भेजे हुए चौदह राक्षसों का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 20: श्रीराम द्वारा खर के भेजे हुए चौदह राक्षसों का वध  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  3.20.20-21h 
ते भित्त्वा रक्षसां वेगाद् वक्षांसि रुधिरप्लुता:॥ २०॥
विनिष्पेतुस्तदा भूमौ वल्मीकादिव पन्नगा:।
 
 
अनुवाद
वे बाण बड़े वेग से राक्षसों की छाती में छेद करके रक्त से लथपथ होकर बाहर निकले और बिल से निकले हुए साँपों की भाँति तुरन्त ही भूमि पर गिर पड़े।
 
Those arrows pierced the chests of the demons with great force and came out soaked in blood and immediately fell to the ground like snakes coming out of a hole. 20 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)