Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 3.20.14: 'हम लोग बहुत हैं और तुम अकेले हो, फिर तुममें ऐसा कौन-सा बल है कि तुम युद्धभूमि में हमारे सामने खड़े भी हो सकते हो, हमसे युद्ध करना तो दूर की बात है?॥14॥   |   ramayan सर्ग 3.20: श्रीराम द्वारा खर के भेजे हुए चौदह राक्षसों का वध   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 20: श्रीराम द्वारा खर के भेजे हुए चौदह राक्षसों का वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.20.14 
का हि ते शक्तिरेकस्य बहूनां रणमूर्धनि।
अस्माकमग्रत: स्थातुं किं पुनर्योद्धुमाहवे॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'हम लोग बहुत हैं और तुम अकेले हो, फिर तुममें ऐसा कौन-सा बल है कि तुम युद्धभूमि में हमारे सामने खड़े भी हो सकते हो, हमसे युद्ध करना तो दूर की बात है?॥14॥
 
'We are many and you are alone, what strength do you have that you can even stand before us in the battlefield, let alone fight us?॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)