Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.20.11-12: श्री रामजी की यह बात सुनकर वे चौदह राक्षस अत्यन्त क्रोधित हो गए। ब्राह्मणों की हत्या करने वाले वे भयंकर राक्षस, हाथ में त्रिशूल लिए, क्रोध और कठोर वचनों से लाल हुए नेत्रों वाले, हर्ष और उत्साह के साथ, मधुरभाषी श्री रामजी से बोले - जिनके नेत्र स्वभावतः लाल थे और जिनका पराक्रम वे पहले ही देख चुके थे -॥11-12॥ | ramayan सर्ग 3.20: श्रीराम द्वारा खर के भेजे हुए चौदह राक्षसों का वध । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री रामजी की यह बात सुनकर वे चौदह राक्षस अत्यन्त क्रोधित हो गए। ब्राह्मणों की हत्या करने वाले वे भयंकर राक्षस, हाथ में त्रिशूल लिए, क्रोध और कठोर वचनों से लाल हुए नेत्रों वाले, हर्ष और उत्साह के साथ, मधुरभाषी श्री रामजी से बोले - जिनके नेत्र स्वभावतः लाल थे और जिनका पराक्रम वे पहले ही देख चुके थे -॥11-12॥
On hearing this from Shri Ram, the fourteen demons became very angry. Those fierce demons who had killed Brahmins, with tridents in their hands, with their eyes turning red with anger and harsh words, with joy and enthusiasm, spoke to the sweet-spoken Shri Ram who had naturally red eyes and whose prowess they had already witnessed -॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥