श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 19: शूर्पणखा के मुख से उसकी दुर्दशा का वृत्तान्त सुनकर क्रोध में भरे हए खर का श्रीराम आदि के वध के लिये चौदह राक्षसों को भेजना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.19.8 
अद्याहं मार्गणै: प्राणानादास्ये जीवितान्तगै:।
सलिले क्षीरमासक्तं निष्पिबन्निव सारस:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'जिस प्रकार हंस जल मिश्रित दूध पी लेता है, उसी प्रकार आज मैं इन घातक बाणों द्वारा तुम्हारे अपराधी के प्राण उसके शरीर से निकाल दूँगा। 8।
 
'Just as a swan drinks milk mixed with water, in the same way today I will take away the life of your culprit from his body with these deadly arrows. 8.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd