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ramayan 3.19.21: शूर्पणखा की यह बात सुनकर खर क्रोधित हो गया और उसने यमराज के समान भयंकर चौदह अत्यन्त बलवान राक्षसों को यह आदेश दिया -॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 3.19: शूर्पणखा के मुख से उसकी दुर्दशा का वृत्तान्त सुनकर क्रोध में भरे हए खर का श्रीराम आदि के वध के लिये चौदह राक्षसों को भेजना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 19: शूर्पणखा के मुख से उसकी दुर्दशा का वृत्तान्त सुनकर क्रोध में भरे हए खर का श्रीराम आदि के वध के लिये चौदह राक्षसों को भेजना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.19.21 
इति तस्यां ब्रुवाणायां चतुर्दश महाबलान्।
व्यादिदेश खर: क्रुद्धो राक्षसानन्तकोपमान्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
शूर्पणखा की यह बात सुनकर खर क्रोधित हो गया और उसने यमराज के समान भयंकर चौदह अत्यन्त बलवान राक्षसों को यह आदेश दिया -॥ 21॥
 
On hearing Shurpanakha say this, Khara became angry and gave the following orders to fourteen very powerful demons, who were as fearsome as Yamaraja -॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)