श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 19: शूर्पणखा के मुख से उसकी दुर्दशा का वृत्तान्त सुनकर क्रोध में भरे हए खर का श्रीराम आदि के वध के लिये चौदह राक्षसों को भेजना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.19.16 
गन्धर्वराजप्रतिमौ पार्थिवव्यञ्जनान्वितौ।
देवौ वा दानवावेतौ न तर्कयितुमुत्सहे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वे दोनों गंधर्वराजाओं के समान प्रतीत होते हैं और राजसी गुणों से युक्त हैं। मैं यह अनुमान भी नहीं कर सकता कि ये दोनों भाई देवता हैं या राक्षस॥16॥
 
‘They look like two Gandharva kings and are endowed with royal characteristics. I cannot even guess whether these two brothers are gods or demons.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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