Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.19.13: अपने भाई के, विशेषतः क्रोध में भरे हुए अपने भाई खर के ये वचन सुनकर शूर्पणखा ने नेत्रों में आँसू भरकर इस प्रकार कहा -॥13॥ | ramayan सर्ग 3.19: शूर्पणखा के मुख से उसकी दुर्दशा का वृत्तान्त सुनकर क्रोध में भरे हए खर का श्रीराम आदि के वध के लिये चौदह राक्षसों को भेजना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने भाई के, विशेषतः क्रोध में भरे हुए अपने भाई खर के ये वचन सुनकर शूर्पणखा ने नेत्रों में आँसू भरकर इस प्रकार कहा -॥13॥
Upon hearing these words of her brother, especially of her brother Khara who was filled with anger, Shurpanakha spoke thus with tears in her eyes -॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥