Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.18.3-4: 'ये मेरे छोटे भाई श्री लक्ष्मण हैं, जो अत्यन्त सुशील, देखने में सुन्दर, बल एवं पराक्रम से सम्पन्न हैं। इनके साथ कोई स्त्री नहीं है। ये अद्वितीय गुणों से युक्त हैं। ये न केवल युवा हैं, अपितु इनका रूप भी देखने में अत्यन्त आकर्षक है। अतः यदि इन्हें पत्नी की इच्छा हो, तो ये आपके सुन्दर रूप के योग्य पति होंगे।' 3-4॥ | ramayan सर्ग 3.18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुजस्त्वेष मे भ्राता शीलवान् प्रियदर्शन:।
श्रीमानकृतदारश्च लक्ष्मणो नाम वीर्यवान्॥ ३॥
अपूर्वी भार्यया चार्थी तरुण: प्रियदर्शन:।
अनुरूपश्च ते भर्ता रूपस्यास्य भविष्यति॥ ४॥
अनुवाद
'ये मेरे छोटे भाई श्री लक्ष्मण हैं, जो अत्यन्त सुशील, देखने में सुन्दर, बल एवं पराक्रम से सम्पन्न हैं। इनके साथ कोई स्त्री नहीं है। ये अद्वितीय गुणों से युक्त हैं। ये न केवल युवा हैं, अपितु इनका रूप भी देखने में अत्यन्त आकर्षक है। अतः यदि इन्हें पत्नी की इच्छा हो, तो ये आपके सुन्दर रूप के योग्य पति होंगे।' 3-4॥
'This is my younger brother Mr. Laxman, who is very polite, pleasant to look at and full of strength and bravery. There is no woman with him. They are endowed with unique qualities. Not only is he young, his appearance is also very charming to look at. Therefore, if he has a desire for a wife, then he will be a worthy husband of your beautiful form. 3-4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥