Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.18.19: सुमित्रानंदन! क्रूर कर्म करने वाले अनार्यों के साथ विनोद भी नहीं करना चाहिए। सौम्य! देखो, इस समय सीता के प्राण बड़ी कठिनाई से बच पाए हैं॥19॥ | ramayan सर्ग 3.18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुमित्रानंदन! क्रूर कर्म करने वाले अनार्यों के साथ विनोद भी नहीं करना चाहिए। सौम्य! देखो, इस समय सीता के प्राण बड़ी कठिनाई से बच पाए हैं॥19॥
‘Sumitra Nandan! One should not even joke with the non-Aryans who commit cruel acts. Soumya! See, Sita's life has been saved with great difficulty at this time.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥