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ramayan 3.18.16: अतः आज मैं इस स्त्री को तुम्हारे देखते ही खाऊँगा और इस सहधर्मिणी के न रहने पर तुम्हारे साथ सुखपूर्वक रहूँगा।॥16॥   |   ramayan सर्ग 3.18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.18.16 
अद्येमां भक्षयिष्यामि पश्यतस्तव मानुषीम्।
त्वया सह चरिष्यामि नि:सपत्ना यथासुखम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अतः आज मैं इस स्त्री को तुम्हारे देखते ही खाऊँगा और इस सहधर्मिणी के न रहने पर तुम्हारे साथ सुखपूर्वक रहूँगा।॥16॥
 
“Therefore today I shall eat this woman before your very eyes, and in the absence of this co-wife I shall live happily with you.”॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)