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ramayan 3.18.11: वे अपनी कुरूप, नीच, विकृत, पेट से भरी हुई और बूढ़ी स्त्रियों को त्यागकर तुम्हें आदरपूर्वक स्वीकार करेंगे॥11॥   |   ramayan सर्ग 3.18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम के टाल देने पर शूर्पणखा का लक्ष्मण से प्रणययाचना करना, फिर उनके भी टालने पर उसका सीता पर आक्रमण और लक्ष्मण का उसके नाक-कान काट लेना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.18.11 
एतां विरूपामसतीं करालां निर्णतोदरीम्।
भार्यां वृद्धां परित्यज्य त्वामेवैष भजिष्यति॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वे अपनी कुरूप, नीच, विकृत, पेट से भरी हुई और बूढ़ी स्त्रियों को त्यागकर तुम्हें आदरपूर्वक स्वीकार करेंगे॥11॥
 
'Abandoning their ugly, mean, deformed, belly-sunk and old wives, they will accept you with respect.*॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)