Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.17.5-6: उस समय जब श्री रामचंद्रजी लक्ष्मण के साथ वार्तालाप में मग्न थे, तब एक राक्षसी अचानक वहाँ आ पहुँची। वह दस सिर वाले राक्षस रावण की बहन शूर्पणखा थी। उसने वहाँ आकर देवताओं के समान सुन्दर रूप वाले श्री रामचंद्रजी को देखा। ॥5-6॥ | ramayan सर्ग 3.17: श्रीराम के आश्रम में शूर्पणखा का आना, उनका परिचय जानना और अपना परिचय देकर उनसे अपने को भार्या के रूप में ग्रहण करने के लिये अनुरोध करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय जब श्री रामचंद्रजी लक्ष्मण के साथ वार्तालाप में मग्न थे, तब एक राक्षसी अचानक वहाँ आ पहुँची। वह दस सिर वाले राक्षस रावण की बहन शूर्पणखा थी। उसने वहाँ आकर देवताओं के समान सुन्दर रूप वाले श्री रामचंद्रजी को देखा। ॥5-6॥
At that time when Shri Ramchandraji was engaged in conversation with Lakshmana, a demoness suddenly arrived at that place. She was Shurpanakha, the sister of the ten-headed demon Ravana. She came there and saw Shri Ramchandraji who had a beautiful appearance like that of the gods. ॥ 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥