Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.17.18-19h: अब मैं तुम्हारा परिचय जानना चाहता हूँ। तुम किसकी पुत्री हो? तुम्हारा नाम क्या है? और तुम किसकी पत्नी हो? तुम्हारे अंग इतने सुन्दर हैं कि तुम मुझे एक राक्षसी प्रतीत होती हो जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती हो। तुम यहाँ क्यों आई हो? मुझे ठीक-ठीक बताओ।॥18॥ | ramayan सर्ग 3.17: श्रीराम के आश्रम में शूर्पणखा का आना, उनका परिचय जानना और अपना परिचय देकर उनसे अपने को भार्या के रूप में ग्रहण करने के लिये अनुरोध करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब मैं तुम्हारा परिचय जानना चाहता हूँ। तुम किसकी पुत्री हो? तुम्हारा नाम क्या है? और तुम किसकी पत्नी हो? तुम्हारे अंग इतने सुन्दर हैं कि तुम मुझे एक राक्षसी प्रतीत होती हो जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती हो। तुम यहाँ क्यों आई हो? मुझे ठीक-ठीक बताओ।॥18॥
‘Now I want to know your identity. Whose daughter are you? What is your name? And whose wife are you? Your body parts are so beautiful that you appear to me as a demoness who can take any form at will. Why have you come here? Tell me this precisely.’॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥