श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 16: लक्ष्मण के द्वारा हेमन्त ऋतु का वर्णन और भरत की प्रशंसा तथा श्रीराम का उन दोनों के साथ गोदावरी नदी में स्नान  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.16.41 
इत्येवं विलपंस्तत्र प्राप्य गोदावरीं नदीम्।
चक्रेऽभिषेकं काकुत्स्थ: सानुज: सह सीतया॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार विलाप करते हुए ककुत्स्थ कुल के रत्न भगवान श्री राम, लक्ष्मण और सीता के साथ गोदावरी नदी के तट पर गए और स्नान किया।
 
Lamenting in this manner, Lord Sri Rama, the jewel of the Kakutstha clan, along with Lakshmana and Sita, went to the banks of the river Godavari and took a bath.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)