न पित्र्यमनुवर्तन्ते मातृकं द्विपदा इति।
ख्यातो लोकप्रवादोऽयं भरतेनान्यथा कृत:॥ ३४॥
अनुवाद
"पुरुष प्रायः अपनी माता के गुणों का अनुकरण करते हैं, पिता के गुणों का नहीं; यह प्रचलित कहावत भरत के आचरण से मिथ्या सिद्ध हो गई है।" 34.
"Men usually imitate the qualities of their mothers and not those of their fathers; this popular saying has been proved false by Bharata's conduct." 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥