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एवं लक्ष्मणमुक्त्वा तु राघवो लक्ष्मिवर्धन:।
तस्मिन् देशे बहुफले न्यवसत् स सुखं सुखी॥ ३०॥
अनुवाद
लक्ष्मण से ऐसा कहकर और अपना तेज बढ़ाते हुए प्रसन्नचित्त श्रीराम सभी के साथ प्रचुर फलों से संपन्न पंचवटी क्षेत्र में सुखपूर्वक रहने लगे।
Having said this to Lakshmana and enhancing his splendour, the happy Sri Rama started living happily with everyone in the Panchavati region blessed with abundant fruits.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥