vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 3: अरण्य काण्ड
»
सर्ग 15: पञ्चवटी के रमणीय प्रदेश में श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण द्वारा सुन्दर पर्णशाला का निर्माण तथा उसमें सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का निवास
»
श्लोक 26
श्लोक
3.15.26
स तं दृष्ट्वा कृतं सौम्यमाश्रमं सह सीतया।
राघव: पर्णशालायां हर्षमाहारयत् परम्॥ २६॥
अनुवाद
भगवान राम और सीता उस नवनिर्मित सुन्दर आश्रम को देखकर बहुत प्रसन्न हुए और कुछ देर तक उसके अन्दर खड़े रहे॥ 26॥
Lord Rama and Sita were very pleased to see the newly built beautiful ashram and stood inside it for some time.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×