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ramayan 3.14.7: 'उन प्रजापतियों में प्रथम का नाम कर्दम था, तदनन्तर दूसरे प्रजापति का नाम विकृत हुआ, तीसरे के शेष, चौथे के संश्रय और पाँचवें प्रजापति के पराक्रमी पुत्र हुए ॥7॥   |   ramayan सर्ग 3.14: पञ्चवटी के मार्ग में जटायु का मिलना और श्रीराम को अपना विस्तृत परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 14: पञ्चवटी के मार्ग में जटायु का मिलना और श्रीराम को अपना विस्तृत परिचय देना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.14.7 
कर्दम: प्रथमस्तेषां विकृतस्तदनन्तरम्।
शेषश्च संश्रयश्चैव बहुपुत्रश्च वीर्यवान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'उन प्रजापतियों में प्रथम का नाम कर्दम था, तदनन्तर दूसरे प्रजापति का नाम विकृत हुआ, तीसरे के शेष, चौथे के संश्रय और पाँचवें प्रजापति के पराक्रमी पुत्र हुए ॥7॥
 
'The first among those Prajapatis was Kardam. Subsequently, the name of the second Prajapati got distorted, the third Shesh, the fourth Sanshraya and the fifth Prajapati had mighty sons. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)