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ramayan 3.14.32: इनमें से कद्रू ने एक हजार सर्पों को जन्म दिया, जो पृथ्वी को धारण करते हैं, और विनता के दो पुत्र हुए - गरुड़ और अरुण।   |   ramayan सर्ग 3.14: पञ्चवटी के मार्ग में जटायु का मिलना और श्रीराम को अपना विस्तृत परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.14.32 
कद्रूर्नागसहस्रं तु विजज्ञे धरणीधरान्।
द्वौ पुत्रौ विनतायास्तु गरुडोऽरुण एव च॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
इनमें से कद्रू ने एक हजार सर्पों को जन्म दिया, जो पृथ्वी को धारण करते हैं, और विनता के दो पुत्र हुए - गरुड़ और अरुण।
 
‘Out of these Kadru gave birth to a thousand serpents who hold the earth, and Vinata had two sons – Garuda and Arun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)