vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 3: अरण्य काण्ड
»
सर्ग 14: पञ्चवटी के मार्ग में जटायु का मिलना और श्रीराम को अपना विस्तृत परिचय देना
»
श्लोक 1
श्लोक
3.14.1
अथ पञ्चवटीं गच्छन्नन्तरा रघुनन्दन:।
आससाद महाकायं गृध्रं भीमपराक्रमम्॥ १॥
अनुवाद
पंचवटी जाते समय श्री रामचन्द्र जी को एक विशाल गरुड़ मिला, जो भयंकर पराक्रम दिखाने वाला था॥1॥
While going to Panchvati, Shri Ramchandra ji found a huge eagle, which was about to display terrible bravery. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×